Front hulchul news : पंजाब से जम्मू-कश्मीर की ओर की जा रही गोवंश की अवैध तस्करी के खिलाफ ‘संयुक्त गौ रक्षा दल’ की सतर्कता के चलते पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने साथी के साथ मिलकर तस्करी में लगी एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी का कई किलोमीटर तक पीछा किया और गांव बिलगा में तस्करों को घेर लिया। खुद को घिरता देख पिकअप सवार दोनों अज्ञात गो-तस्कर गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने गाड़ी से 4 सांड और 1 गाय को सकुशल बरामद कर वाहन को जब्त कर लिया है और फरार तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता एवं संयुक्त गौ रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दिए आधिकारिक बयानों में बताया कि 10 सितंबर को वह अपने साथी माणिक गोयल के साथ निजी कार्य के सिलसिले में अपनी कार से लाडोवाल की ओर जा रहे थे। जब वे दक्षिणी बाईपास के पास पहुंचे, तो उन्हें एक विश्वस्त सूत्र से गुप्त सूचना मिली कि सफेद रंग की एक महिंद्रा पिकअप (गाड़ी नंबर: HP-37G-5215) में गोवंश को कटाई के मकसद से क्रूरतापूर्वक लादकर जम्मू-कश्मीर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही गौ रक्षा दल के सदस्यों ने दक्षिणी बाईपास पर नाकाबंदी कर संदिग्ध गाड़ी की निगरानी शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद वेरका प्लांट की तरफ से उक्त नंबर वाली सफेद महिंद्रा पिकअप आती दिखाई दी। गौ रक्षा दल के सदस्यों ने जब हाथ देकर चालक को गाड़ी रोकने का इशारा किया, तो चालक ने रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार तेज कर दी और भागने लगा।
गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने बिना समय गंवाए अपनी कार से संदिग्ध पिकअप का पीछा शुरू किया। पीछा करते हुए जैसे ही गाड़ियां थाना साहनेवाल के अधिकार क्षेत्र में आते गांव बिलगा के पास पहुंचीं, तो रास्ता संकरा होने और खुद को फंसता देख गाड़ी में सवार 2 अज्ञात आरोपी पिकअप को बीच रास्ते में ही छोड़कर फरार होने में कामयाब हो गए। जब गौ रक्षा दल के सदस्यों ने लावारिस छोड़ी गई पिकअप गाड़ी की जांच की, तो उसमें बेहद क्रूरता और बेदर्दी से बांधकर लादे गए 4 सांड और 1 गाय (कुल 5 गोवंश) बरामद हुए। घटना की सूचना मिलते ही थाना साहनेवाल की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी गोवंश को सुरक्षित बाहर निकलवाकर उपचार व चारे के लिए नजदीकी गोशाला भिजवाया और तस्करी में प्रयुक्त महिंद्रा पिकअप (HP-37G-5215) को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुद्दई के बयानों के आधार पर दोनों अज्ञात फरार आरोपियों के खिलाफ गो-तस्करी, गोवंश हत्या रोकथाम अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब हिमाचल प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए गाड़ी के असली मालिक और चालान रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है ताकि गो-तस्करी के इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
