धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए शाहकोट प्रशासन और पुलिस द्वारा सख्ती बरती जा रही है। सब-डिवीजन मैजिस्ट्रेट (एस.डी.एम.) शाहकोट आदित्य गुप्ता और डी.एस.पी. शाहकोट सरवन सिंह बल्ल के नेतृत्व में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की टीम ने 5 गांवों नंगल अंबियां, रौंता, मंडाला, कोठा और चक्क गदाईपुर का दौरा किया। इस दौरान किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया गया।
इस अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारियों ने भी किसानों को स्पष्ट किया कि पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। तहसीलदार शाहकोट जसपाल सिंह बाजवा, एस.एच.ओ. शाहकोट सुखविंदर पाल सोढ़ी, नायब तहसीलदार लोहियां, कृषि विकास अधिकारी शाहकोट जसबीर सिंह तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
एस.डी.एम. आदित्य गुप्ता और डी.एस.पी. सरवन सिंह बल्ल ने किसानों को समझाया कि पराली जलाने से बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, आग लगाने से जमीन में मौजूद लाभदायक जीव-जंतु नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति पर भी बुरा असर पड़ता है। अधिकारियों ने गांवों के सरपंचों, पंचों और नंबरदारों को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने गांवों में प्रतिदिन मुनादी करवाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें।
एस.डी.एम. ने बताया कि तहसील शाहकोट में पराली जलाने के अब तक दो मामले सामने आए हैं, जो गांव कोठा से संबंधित हैं। जांच के दौरान संबंधित जमीन का रकबा गांव मेहराज वाला से संबंधित है। प्रशासन ने संबंधित जमीन मालिकों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ जमाबंदी में लाल एंट्री भी की है। इसके अतिरिक्त थाना लोहियां खास में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।
पराली प्रबंधन के लिए अधिकारियों से करें संपर्क
एस.डी.एम. और डी.एस.पी. ने किसानों से अपील की कि यदि उन्हें पराली के उचित प्रबंधन के लिए मशीनरी या अन्य सहायता की आवश्यकता हो तो वे संबंधित विभागों से संपर्क करें। किसान कृषि विकास अधिकारी शाहकोट जसबीर सिंह से मोबाइल नंबर 9878406295 तथा सहायक रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं शाहकोट से मोबाइल नंबर 9592720553 पर संपर्क कर सकते हैं।
