पंजाब में 600 युनिट मुफ्त बिजली को लेकर पड़ गया पंगा

Front hulchul news : बिजली विभाग से संबंधित मीटर रीडरों की पिछले लंबे समय से चल रही हड़ताल के कारण पंजाब भर के उपभोक्ताओं को बिजली के बिल जारी नहीं हो पाए हैं जो कि पूरे पंजाब वासियों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है क्योंकि अब लोगों को मीटर रीडरों की हड़ताल खत्म होने पर बिजली का बिल इकट्ठा आने की चिंता सताने लगी है जिसका सबसे बड़ा असर उपभोक्ताओं को प्रत्येक महीने बिजली के मिलने वाले 300 फ्री यूनिट पर भी पड़ने की चर्चा है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि कायदे के मुताबिक घरेलू उपभोक्ता को 2 महीने के दौरान 600 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने पर संभावित बिजली का पूरा बिल जमा करवाना पड़ता है। उन्होंने बताया अगर हड़ताल लंबे समय तक चलती है तो ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में लगे बिजली के मीटरों की रीडिंग और बिलिंग नहीं होने पर फ्री यूनिट भी कथित तौर पर खत्म की स्थिति में उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिल अदा करने पड़ सकते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब भर के करीब 2500 मीटर रीडरों, सुपरवाइजरों द्वारा उपभोक्ताओं को बिजली का आखिरी बिल 14 मई को भेजा गया है जबकि 15 मई को कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन समय के लिए हड़ताल पर चले गए और अभी तक सभी कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटे हैं, जिसके कारण पूरे पंजाब में बिजली के मीटरों की रीडिंग और बिलिंग का काम पूरी तरह से ठप्प पड़ा हुआ है जिसे लेकर आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है क्योंकि पावरकॉम विभाग द्वारा लोगों को बिजली के एवरेज बिल भेजे जा रहे हैं जो कि या तो उपभोक्ताओं द्वारा बिजली की की गई खपत के मुकाबले कम है या फिर बहुत ज्यादा है जिसके कारण आम लोगों के पांव के ताले से जमीन खिसकने लगी है और लोग अपनी परेशानियों को लेकर पावरकॉम के कार्यालयों में डेरे डालने को मजबूर होने लगे हैं।

वहीं दूसरी ओर पिछले एक महीने से लोगों के घरों, दुकानों, फैक्टरियों, औद्योगिक घरानों आदि को बिजली के बिल जारी नहीं होने के कारण पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन को मिलने वाला करोड रुपए का राजस्व भी रुक कर रह गया है। बताया जा रहा है कि पावरकॉम मैनेजमैंट द्वारा मीटर रीडरों और सुपरवाइजरों के साथ 15 जून को रखी गई बैठक दौरान कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर वापस लौटने और उनकी मांगें जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया गया लेकिन एकजुट हुए कर्मचारियों ने पहले उनकी मांगें पूरी करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी करने की जिद पकड़ ली कि मैनेजमैंट पहले यह साफ करें कि कर्मचारियों को विभाग में कब पक्का किया जाएगा।