नेशनल एंथम से पहले घबराई हुई थी: श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू मैच पर वैष्णवी शर्मा का खुलासा

वैष्णवी शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत करते हुए श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। यह मैच रविवार को विशाखापत्तनम में खेला गया, जिसमें भारत ने श्रीलंका को आठ विकेट से हराया। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 121 रन ही बना सकी।

अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वैष्णवी ने परिपक्व गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने चार ओवरों में सिर्फ 16 रन दिए और श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। उनकी किफायती गेंदबाज़ी ने पूरी पारी के दौरान मेहमान टीम पर दबाव बनाए रखा।

टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए वैष्णवी ने कहा,
“वह मुझसे कह रही थीं कि मैंने पहले भी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा—‘तुमने शानदार काम किया है, बेहतरीन प्रदर्शन दिए हैं।’ वह मुझे अपना आशीर्वाद दे रही थीं।”

वैष्णवी ने टीम के माहौल में हरमनप्रीत की स्पष्ट सोच की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, “जब भी टीम की हडल होती है, वह हमें किसी एक चीज़ पर फोकस करने को कहती हैं। वह कहती हैं कि आज हम क्या सबसे अच्छा कर सकते हैं, उसी पर ध्यान दो।”

अपने डेब्यू मैच के अनुभव को साझा करते हुए वैष्णवी ने माना कि उन्हें शुरुआत में घबराहट हो रही थी, लेकिन मैच शुरू होते ही वह शांत हो गईं।
उन्होंने कहा, “हां, नेशनल एंथम से पहले मैं नर्वस थी। नेशनल एंथम के बाद मैं शांत हो गई।”

मैच की बात करें तो 122 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जेमिमा रोड्रिग्स ने 44 गेंदों में नाबाद 69 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके शामिल थे। भारत ने यह लक्ष्य सिर्फ 14.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस पारी के साथ जेमिमा ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में मिथाली राज के चार 50+ स्कोर के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली।

इससे पहले स्मृति मंधाना ने 25 रन बनाए और वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4000 रन पूरे करने वाली दूसरी महिला बल्लेबाज़ बनीं। उनसे पहले यह उपलब्धि न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स (4716 रन) ने हासिल की थी। मंधाना ने यह मुकाम गेंदों के लिहाज़ से सबसे तेज़ (3227 गेंदों में) हासिल किया, जबकि बेट्स ने 3675 गेंदें ली थीं।

लक्ष्य का पीछा करते हुए मंधाना और जेमिमा ने दूसरे विकेट के लिए 54 रनों की अहम साझेदारी की, जिससे भारत मजबूत स्थिति में पहुंच गया। इसके बाद जेमिमा ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 15) के साथ तीसरे विकेट के लिए नाबाद 55 रन की साझेदारी कर भारत को जीत दिलाई।

गेंदबाज़ी में भारत ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 121/6 पर रोके रखा। श्रीलंका के तीन बल्लेबाज़ रन आउट हुए। क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक-एक विकेट हासिल किया।

श्रीलंका की ओर से विश्मी गुणरत्ने ने 43 गेंदों में 39 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाए, लेकिन वह तेजी से रन नहीं बना सकीं और 17.5 ओवर में आउट हो गईं। कप्तान चामरी अथापथ्थु 15 रन बनाकर क्रांति गौड़ की गेंद पर आउट हुईं। हसीनी परेरा (20), हरशिता समरविक्रमा (21) और अन्य बल्लेबाज़ भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं।

गेंदबाज़ों में दीप्ति शर्मा सबसे किफायती रहीं, जिन्होंने चार ओवर में एक मेडन सहित 20 रन देकर एक विकेट लिया। क्रांति गौड़ ने 3 ओवर में 23 रन देकर एक विकेट, जबकि श्री चरणी ने 4 ओवर में 30 रन देकर एक विकेट हासिल किया।