Front hulchul news : जालंधर के नेशनल आई केयर अस्पताल से जुड़े डॉक्टर परिवार की बहू डॉ. मीनाक्षी सूद ने संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर जान दे दी थी। अब उनके पति पीयूष सूद के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। वह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मृतका के परिवार ने उसके ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। मीनाक्षी के पिता प्रमोद कुमार की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-6 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। परिवार ने आरोप लगाया है कि पीयूष ने मीनाक्षी की जानकारी के बिना उनके नाम पर करीब ढाई करोड़ रुपये का लोन लिया था। इस कारण मीनाक्षी लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं। परिजनों ने यह भी बताया कि पीयूष का अस्पताल की एक महिला कर्मचारी से संबंध था। इस विवाद के चलते जुलाई 2025 से दोनों अलग रह रहे थे। परिवार ने 2025 में पीयूष द्वारा मीनाक्षी का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर के बाद आरोपी डॉक्टर अपने घर और अस्पताल से गायब हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन, पारिवारिक विवाद और अन्य आरोपों की जांच कर रही है। मीनाक्षी की शादी पीयूष से अक्तूबर 2018 में हुई थी और उनके कोई बच्चा नहीं था। मीनाक्षी कपूरथला के सरकारी अस्पताल में कार्यरत थीं। मीनाक्षी के पिता प्रमोद का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना कर रही थी। उसकी शादी वर्ष 2018 में हुई थी। उसके नाम पर कई वित्तीय दायित्व डाले गए। ससुराल वालों द्वारा वाहन और अन्य खर्चों के लिए लिए गए लोन की किस्तें मीनाक्षी अपनी आय से चुकाती थीं। जुलाई 2025 से मीनाक्षी अपने पति से अलग रह रही थीं और कानूनी रूप से तलाक लेने पर विचार कर रही थीं। इसी दौरान उसे कथित तौर पर अपने नाम पर चल रहे करोड़ों के लोन की जानकारी मिली, जिससे वह काफी परेशान हो गई थीं। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
