Front hulchul news : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में न्यूक्लियर प्लांट पर हमला किया है। वहीं ईरान की सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि की है कि इन हमलों में न्यूक्लियर सुविधाओं को निशाना बनाया गया, जिनमें हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट शामिल हैं।
अमेरिका और इजराइल के हमलों में मध्य ईरान में स्थित एक हेवी वॉटर रिएक्टर को निशाना बनाया गया। यह हमला उस समय हुआ जब इजराइल ने तेहरान के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करने की धमकी दी थी। इजराइल ने हमलों की जिम्मेदारी ली, जबकि ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
ईरानी मीडिया आईआरएनए के अनुसार, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि शाहिद खोंडाब हेवी वाटर कॉम्प्लेक्स और अर्दकान येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट को निशाना बनाया गया। संगठन ने कहा कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ और रेडियोधर्मी प्रदूषण का भी कोई खतरा नहीं है। बताया गया कि पिछले साल जून में हुए हमले के बाद से अराक प्लांट पहले ही बंद था।
‘जैसे को तैसा नहीं’—ईरान की सख्त चेतावनी
आईआरजीसी ने इजराइल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह इन हमलों का जवाब देगा। आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका और इजराइल से जुड़ी कंपनियों के कर्मचारी अपने कार्यस्थल छोड़ दें।
