राष्ट्रीय भाजपा नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवाद के संबंध में सामने आए हालिया घटनाक्रमों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस मामले ने अत्यंत गंभीर धार्मिक, नैतिक और कानूनी आयाम ग्रहण कर लिए हैं।
ग्रेवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाऊंट एक्स पर लिखा कि सबसे पहले वह एक सिख हैं और गुरु साहिबान की शिक्षाओं, सिख मर्यादा, श्री अकाल तख्त साहिब, सिंह साहिब जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज जी, सभी तख्तों के जत्थेदारों, गुरु के पंज प्यारों तथा श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी प्रत्येक हुक्मनामे के विनम्र अनुयायी हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु सिखों के लिए कोई भी राजनीतिक पद अथवा संवैधानिक हैसियत श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और पवित्रता से ऊपर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान सामने आ रहे आरोप और घटनाक्रम सत्य सिद्ध होते हैं, तो भगवंत मान से संबंधित कृत्य एक अक्षम्य और ऐतिहासिक भूल माने जाएंगे। ग्रेवाल ने कहा कि बेअदबी के आरोपों से जुड़े मामलों में धार्मिक संस्थाओं को गुमराह करने, तथ्यों से छेड़छाड़ करने अथवा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य है और इससे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
ग्रेवाल ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने समय-समय पर आवश्यकता पड़ने पर शासकों और प्रभावशाली व्यक्तियों को कठोर धार्मिक दंड देने में कभी संकोच नहीं किया। महाराजा रणजीत सिंह जी ने भी विनम्रता और श्रद्धा के साथ श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और अधिकार को स्वीकार किया था। इसलिए कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद अथवा हैसियत पर क्यों न हो, स्वयं को जवाबदेही से ऊपर नहीं समझ सकता। ग्रेवाल ने कहा कि वह हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा पुलिस के आभारी हैं, जिन्होंने भगवंत मान से संबंधित वीडियो मामले में कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट प्रकरण के संबंध में गुरुग्राम पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद कार्रवाई की है। कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए तथा साक्ष्यों को प्रभावित करने अथवा गढ़ने में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
