ईरान-अमेरिका के बीच संघर्षविराम पर मंडराया खतरा

Front hulchul news : मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच पिछले एक महीने से जारी नाजुक संघर्षविराम (Ceasefire) टूटने की कगार पर है। आज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है जिससे क्षेत्र में युद्ध की आहट फिर से तेज हो गई है।

इससे कुछ घंटे पहले अमेरिका ने कहा था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना के तीन जहाजों पर हुए हमलों को विफल कर दिया और जवाबी कार्रवाई में ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ताजा हिंसा से ईरान और अमेरिका के बीच लागू संघर्षविराम पर संकट गहरा गया है जबकि दोनों पक्ष युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित समझौते पर विचार कर रहे हैं। तेहरान ने बीते दिन कहा था कि वह युद्ध समाप्त करने संबंधी अमेरिका के ताजा प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान की ओर से भेजे गए संदेशों की समीक्षा कर रहा है। पाकिस्तान शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार हालांकि ईरान अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है और उसने अमेरिकी पक्ष को कोई जवाब नहीं दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से युद्ध समाप्त करने की रणनीति को लेकर मिले-जुले संकेत दिए गए हैं। पहले संघर्षविराम और सैन्य अभियान समाप्त होने की घोषणाओं के बाद अब तेहरान को यह चेतावनी दी जा रही है कि यदि उसने ऐसा समझौता स्वीकार नहीं किया जिससे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति फिर शुरू हो सके, तो उस पर दोबारा बमबारी की जा सकती है।

बीते दिन ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना से जुड़े घटनाक्रम के बाद इन चेतावनियों को दोहराया। उन्होंने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, उन्हें समझना होगा कि यदि समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ईरान के साथ समझौते की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, यह किसी भी दिन हो सकता है, हालांकि उन्होंने तुरंत जोड़ा और यह नहीं भी हो सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच चार अप्रैल से संघर्षविराम है।

दोनों देशों के बीच पिछले महीने पाकिस्तान की मेजबानी में हुई प्रत्यक्ष वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद शुरू हुआ था। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी कि वे हवा में ड्रोन मिसाइल हमले रोकने के दौरान गिरे किसी भी मलबे या टुकड़े के पास न जाएं उसकी तस्वीर न लें और उसे न छुएं।

इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने बीती रात होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना के तीन जहाजों पर हुए ईरानी हमलों को विफल कर दिया और अमेरिकी बलों पर हमले के लिए जिम्मेदार ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी बलों ने उकसावे के बिना किए गए ईरानी हमलों को रोका और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।