Front hulchul news : अमृतसर में मिलावटी खाने-पीने की चीजों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हेल्थ डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 7 क्विंटल संदिग्ध देसी घी ज़ब्त किया है। यह कार्रवाई सेहत विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर लखविंदर सिंह की अगुवाई में की गई, जिसे पंजाब के सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कवलप्रीत कौर बराड़, डिप्टी कमिश्नर अमृतसर तलविंदरजीत सिंह और सिविल सर्जन की गाइडलाइंस के मुताबिक अमल में लाई गई।
राजिंदर सिंह ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से दूध, दही, पनीर, घी और दूसरे दूध से बने प्रोडक्ट्स में मिलावट रोकने के लिए खास मुहिम चलाई जा रही है। इसी सिलसिले में आज सुबह की गई जांच के दौरान रामबाग इलाके में मौजूद सोनू डेयरी पर रेड की गई।उन्होंने बताया कि विभाग को डेयरी से जुड़ी शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर पनीर के सैंपल लिए गए। जांच के दौरान डेयरी में सिरसा, हरियाणा के “प्रभु देसी घी” ब्रांड के 48 टीन भी मिले। अधिकारियों ने जब सप्लाई से जुड़े बिल चेक किए, तो पता चला कि घी की खरीद कीमत मौजूदा मार्केट रेट से काफी कम थी। इससे विभाग को शक हुआ कि घी की क्वालिटी में कोई दिक्कत हो सकती है। इसके बाद 15 किलो के वजन वाले 48 टीन सीज किए गए। कुल मिलाकर करीब 720 किलो (करीब 7 क्विंटल) देसी घी सीज किया गया।
सेहत विभाग द्वारा पनीर और देसी घी दोनों के सैंपल टेस्टिंग के लिए सरकारी लैब में भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद फूड सेफ्टी एक्ट के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। अगर घी या दूसरे प्रोडक्ट घटिया या मिलावटी पाए गए तो पूरा स्टॉक नष्ट कर दिया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।सेहत विभाग ने साफ कर दिया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में मिलावट के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा।
