महिला सरपंच के पति गगन कुमार और पंजढेरा के नंबरदार समेत दोनों पक्षों ने लगाए आरोप; पुलिस रिकॉर्ड में पुराने तहसील कार्यालय मामले की FIR भी दर्ज
Front hulchul news, फिल्लौर/जालंधर देहात: फिल्लौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव ब्रह्मपुरी (अकलपुर रोड/पंजढेरा) में गंदे पानी की निकासी के लिए बनाई गई हौदी, पाइपलाइन और स्कूल बसों के आवागमन को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है।

एक पक्ष की ओर से मौजूदा महिला सरपंच के पति गगन कुमार पुत्र झगड़ू राम की शिकायत पर FIR नंबर 0246 दर्ज की गई है। शिकायत में रमण कुमार, सुखविंदर सिंह, बलजिंदर सिंह और परमजीत सिंह के नाम दर्ज किए गए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से हौदी तथा पानी की निकासी से संबंधित पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने, गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और धमकी देने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस FIR में BNS की धाराएं 126(2), 351(2), 115(2), 61(2) और 324(4) का उल्लेख किया गया है तथा मामले की जांच के लिए ASI जसविंदर सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
दूसरे पक्ष की ओर से भी बयान और MLR
इसी घटना के संबंध में रमण कुमार की ओर से भी पुलिस को बयान दिया गया। उनके बयान के अनुसार वह गांव में पानी की निकासी और स्कूल बसों से संबंधित मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग करने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
रमण कुमार ने अपने बयान में आरोप लगाया कि मौके पर गगन कुमार, पंजढेरा के नंबरदार कुलदीप कुमार तथा अन्य व्यक्तियों की ओर से उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया।
पुलिस के जनरल डायरी (GD) में दर्ज विवरण के अनुसार रमण कुमार को सिविल अस्पताल फिल्लौर ले जाया गया, जहां उनका MLR (मेडिको-लीगल रिपोर्ट) करवाया गया। पुलिस रिकॉर्ड में उनके बयान और MLR के आधार पर BNS की विभिन्न धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई का उल्लेख है।
इस प्रकार वर्तमान विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाने के कारण मामला क्रॉस-केस की स्थिति में पहुंच गया है। लगाए गए आरोपों की पुष्टि अथवा खंडन पुलिस जांच के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
इससे पहले तहसील कार्यालय से जुड़ा मामला भी दर्ज
इस विवाद की पृष्ठभूमि में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज एक पुराना मामला भी सामने आया है। 11 फरवरी 2025 को फिल्लौर थाने में FIR नंबर 0032 दर्ज की गई थी। यह मामला तत्कालीन नायब तहसीलदार फिल्लौर सुनीता खिलन की ओर से दी गई लिखित शिकायत तथा तहसील कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्रों के आधार पर दर्ज किया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 10 फरवरी 2025 को नायब तहसीलदार फिल्लौर के कार्यालय में रजिस्ट्रेशन का काम चल रहा था। इसी दौरान राम जी दास निवासी गन्ना पिंड और पंजढेरा के नंबरदार कुलदीप कुमार सहित कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से कार्यालय के काम में बाधा डालने, बदसलूकी करने और धमकी देने के आरोप शिकायत में लगाए गए थे।
शिकायत में नायब तहसीलदार की ओर से आरोप लगाया गया था कि उन पर दबाव डालकर रजिस्ट्री करवाने का प्रयास किया गया, जिसके कारण कार्यालय का काम प्रभावित हुआ। इसके बाद तहसीलदार फिल्लौर की ओर से भी उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया। पुलिस रिकॉर्ड में कार्यालय के स्टाफ की ओर से सुरक्षा को लेकर चिंता जताए जाने का भी उल्लेख है।
इस मामले में पुलिस की ओर से BNS की धाराओं 132, 221, 127(2), 351, 121(1) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले की जांच ASI परमजीत सिंह को सौंपी गई थी।
दो अलग-अलग मामलों में जांच जारी
ब्रह्मपुरी के वर्तमान पानी निकासी विवाद और वर्ष 2025 के तहसील कार्यालय से संबंधित मामले में अलग-अलग पक्षों की ओर से अपने-अपने आरोप और दावे सामने आए हैं। वर्तमान मामले में एक पक्ष की ओर से पानी की निकासी, हौदी और पाइपलाइन को लेकर आरोप लगाए गए हैं, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR में शामिल धाराएं अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं करतीं। दोनों मामलों में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी। अंतिम स्थिति पुलिस जांच तथा संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
