“जालंधर: नेशनल न्यूज चैनल के पत्रकार और फौजी परिवार पर जानलेवा हमला, सदमे से बुजुर्ग माता को हुआ पैरालिसिस”
उप-सुर्खियां :
8 साल पहले ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाला परिवार कैसे बना करोड़ों का मालिक?
नशा तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए खड़ी की अवैध संपत्तियां, पत्रकार ने उठाए सवाल।
बिना मंजूरी के चल रहे डेयरी फार्म की आड़ में ‘चिट्ठे’ के काले कारोबार का शक।
Front Hulchul News, (जालंधर/फिल्लौर):Narinder Kumar Phillaur press reporter हलका फिल्लौर के गांव ब्रह्मपुरी में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नेशनल न्यूज चैनल ‘FM News’ के पत्रकार रमन माही और उनके परिवार पर जानलेवा हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस हमले के दौरान लगी चोटों और मानसिक सदमे के कारण पत्रकार की बुजुर्ग माता, जो एक दिवंगत आर्मी ऑफिसर की पत्नी हैं, को ब्रेन स्ट्रोक के कारण पैरालिसिस (लकवा) हो गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
घटना का विवरण:
पत्रकार रमन माही ने बताया कि 2 मार्च 2026 को जब उनकी माता अपने पोते को स्कूल से लेकर घर लौट रही थीं, तो गांव के ही 6 व्यक्तियों ने उनका रास्ता रोककर उन पर हमला कर दिया। हमले की वीडियो और एमआरआई (MRI) रिपोर्ट सबूत के तौर पर पेश करते हुए रमन माही ने बताया कि हमलावरों ने रात के समय दबाव बनाकर एक फर्जी समझौता भी करवाया, जिस पर मुख्य आरोपियों ने खुद हस्ताक्षर नहीं किए, जो कि कानूनी रूप से धोखाधड़ी है।

मजदूरी से करोड़पति बनने का रहस्य:
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि हमलावर परिवार आज से महज 8 साल पहले गांव के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। लेकिन आज उनके पास जेसीबी (JCB), कई लग्जरी गाड़ियां और करोड़ों की बेनामी संपत्तियां हैं। पीड़ित पत्रकार ने आरोप लगाया है कि यह सारी संपत्ति ‘चिट्टे’ (नशे) के अवैध कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए बनाई गई है। गांव में चल रहा अवैध डेयरी फार्म सिर्फ इस काली कमाई को सफेद करने का एक मुखौटा है।
प्रशासन को अल्टीमेटम:
पत्रकार बिरादरी ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (हत्या का प्रयास) और अन्य सख्त धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई और उनकी अवैध संपत्तियों की जांच नहीं हुई, तो राज्य स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में एक मांग पत्र एसएसपी जालंधर देहाती और उपायुक्त (DC) जालंधर को सबूतों के साथ भेज दिया गया है।
