Front hulchul news : शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलैंडरों का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। इस संकट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में स्थिति अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच किसी प्रकार का ठोस समझौता न होने से वैश्विक स्तर पर गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय बाजार पर देखने को मिल रहा है और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। कालाबाजारी की शिकायतें शहर की तमाम गैस एजेंसियों पर सिलैंडरों की भारी कमी देखी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बाद भी समय पर घरेलू गैस सिलैंडर नहीं मिल रहे हैं। वहीं, कमर्शियल सिलैंडरों की भी बाजार में भारी किल्लत बनी हुई है। संकट के इस दौर में कई जगहों पर सिलैंडरों को ब्लैक में बेचे जाने की गंभीर शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिसके कारण मजबूरन लोगों को अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।छोटे कारोबारियों और घरेलू रसोई पर दोहरी मार इस संकट से स्थानीय होटल, ढाबा और छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। व्यापारियों का साफ कहना है कि गैस की कमी के कारण उनका कामकाज ठप होने की कगार पर पहुंच गया है और दैनिक खर्च लगातार बढ़ रहा है।
दूसरी ओर, आम परिवारों को खाना बनाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि इस भीषण गर्मी के मौसम में गैस की कमी ने घरेलू व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। गैस खत्म होने के बाद नया सिलैंडर मिलने में कई-कई दिन लग रहे हैं, जिसके कारण लोगों को बाहर से महंगा खाना मंगवाना पड़ रहा है या फिर खाना पकाने के लिए अन्य वैकल्पिक व महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।एजेंसी संचालकों ने जताई बेबसी, सरकारों से हस्तक्षेप की मांग जब इस संबंध में गैस एजेंसी संचालकों से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें मुख्य डिपो से ही पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते वे उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने में असमर्थ हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होते और सप्लाई चेन सुचारु नहीं होती, तब तक यह गैस संकट जारी रह सकता है।
