अमृतसर से हवाई सफर होगा महंगा

Front hulchul news : पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। इस संभावित टकराव का सीधा असर सीमावर्ती शहर अमृतसर के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक पहलुओं पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि हालात और बिगड़ते हैं तो अमृतसर का अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। गुरु नगरी जो विश्व भर के सैलानियों के लिए खींच का केंद्र है, इसलिए ग्लोबल राजनीतिक की मार झेलने के लिए खड़ी है।

हवाई उड़ानों से यात्रियों की बढ़ी परेशानी

ईरान के हवाई क्षेत्र के प्रभावित होने के कारण अमृतसर से यूरोप और खाड़ी देशों को जाने वाली हवाई उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं। जब भी मध्य-पूर्व में जंगी हालात बनते है तो उड़ानो को लंबे और बदलवें रास्तों से भेजा जाता है, जिससे हवाई रास्ता लंबा होने कारण सफाई का समय लगभग दोगुना हो सकता है। दूसरी तरफ तेल की कीमतों में होने वाली संभावी वृद्धि कारण हवाई सफर महंगा होग, जिससे यात्रियों को भारी वित्तीय मार पड़ेगी। इसके साथ खास कर वह लोग जो रोटी रोजी के लिए खाड़ी देशों में रहते है, उनके लिए टिकटरों के रेट बढ़ना बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है। एयरलाइन द्वारा उड़ाने रद्द होने की सूरत में हजारा मुसाफिर अड्ढों पर फंस सकते है जिससे हफड़ा-तफड़ी जैसा माहौल बन सकता है।

वाघा बॉर्डर और व्यापार पक्ष

इस संबंध में समाज सेवक व जलियांवाला बाग शहीद परिवार कमेटी के महासचिव नोनिश बहल ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय अस्थिरता कारण वाघा बॉर्डर के जरिए होने वाला सीमित व्यापार भी प्रभावित हो सकता है। भले ही भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार पहले से कम है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में व्यापारक वस्तुओं की रुकावट आने से स्थानीय उद्योगों को कच्चे माल की कमी का सामना करना पड़ सकता है। खास तौर पर अफगानिस्तान और मध्य एशिया से आने वाले सूखे मेवे और अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। व्यापारियों के अनुसार अगर जंग लगती है तो सप्लाई चेन पूरी तरह टूटी जाएगी, जिससे अमृतसर के थोक बाजारों में मंदी आ सकती है।