Front hulchul news : जालन्धर में लगातार पैट्रोल पंप कंपनीयों को चूना लगाया जा रहा है ,मगर सब कुछ जानते हुए भी पुलिस प्रशासन इस सबंधी कई सख्त कारवाई करन में असमर्थ है। अब सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि कोई से लोग तेल कंपनीयों को चूना लगा रहे हैं। बता दें कि जालन्धर के सुच्ची पिंड के न•ादीक ही पैट्रोलियम कंपनी है जिसके तेल लेकर जाने वाले ट्रक कंपनी से तेल तो पूरा लेकर निकलते हैं मगर आगे कुछ ही दूरी पर एक खाली प्लाट में वहां पर तेल की चोरी की जाती है। एसा नहीं है कि पुलिस को इस सबंधी पुलिसको कुछ पता नहीं है। पुलिसको सब कुछ पता है मगर पता नहं क्यू जानबूछ कर कोई पुलिस अधिकारी उस तरफ देखता। जिससे एसे लोगों के हौंसले औ्र बुलंद होते हैं। पुलिस प्रशासन इनके खिलाफ सख्त कारवाई करना तो दूर की बात जब कोई मीडिया कर्मचारी इनका पर्दाफाशकरने की कोशिश करता है तो उक्त लोग उनसे भई धक्का मुक्की करते हैं और शिकात मिलने पर भी मीडिया वालों को ही इसंाफ के लिए धरने तक लगाने पड़ जाते हैं। पहले भई कईं बार एसे लोगों सबँधी मामले उजागर हुे हैं मगर सभी ठंडे बस्ते में पड़े हैं यां फिर उनका कोई रिकार्ड ही नहीं है। हाल ही में बीते दिनों इस सारी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पंजाब हलचल की एक टीम ने उपरोक्त खाली प्लाट का दौरा किया जिसमें देखा गया कि ड्राईवर सहित कुछ और लोग पैट्रल कंपनी के एक ट्रक से चोरी तेल निकाल रहे हैं जिसे कि कैमरे में कैद कर लिया गया । इसी दौरान उक्त डा्रईवर व उसके साथियं ने मीडिया कर्मीयों से झगड़ा किया और उनका मोबाईल तक छीन लिया और मारपीट की। इसी शिकायत को लेकर जब पीडि़त मीडिया कर्मी पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने पहले तो कोई कारवाई नहीं की और जब मीडिया कर्मियों की तरफ से कारवाई की मांग को लेकर धरना लगाया गया तब जाकर मामला दर्ज कर लिया और मीडिया कर्मियों ने इस सबंधी बरामदगी भी करवाई । इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। ने जो बरामदगी करवाई थी थाना रामा मंडी से एक एक्टिवा 8 से 10 बाल्टिया और और कप रामा मंडी थाने से हुए गया से गायब है जी एक सवालिया निशान है। एसे में सीधे पुलिस पर सवाल उठता है कि आखिर क्यों पुलिस उनको बचाने में लगी है। इस सारे घटनाक्रम के दौरान मीडिया कर्मचारियों को भी थाना पुलिस पर से विश्वास उठ गया है अब मीडिया कर्मचारी नये पुलिस कमिश्नर से मिलकर न्याय की मांग करेंगे।
ड्राईवर लगा रहे तेल कंपनीयों को चूना, प्रशासन नहीं उठाता कोई सख्त कदम
